अयोध्या के गौरवशाली अतीत का आईना ‘शहरनामा फैज़ाबाद’
अयोध्या । अयोध्या की धरोहर को सहेजने के लिए संकल्पित संस्था इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज के स्थानीय चैप्टर की ओर से अयोध्या के पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक-सामाजिक महात्म्य पर आयोजित होने वाली वार्ताओं के क्रम को निरंतरता देते हुए एक और कार्यक्रम का आयोजन किया... Read more
संत कबीर का सुधारक व्यक्तित्व
किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व परिवार, समाज और पाठशाला मध्य गुणों,व्यवहारों की अनुशीलनता से सृजित होता है।सन्त कबीर के लिए संयोग या दुर्योग से ये सभी विंदु प्रतिकूल आयामी रहे।दुर्योग इस अर्थ में की उनका जीवन कठिनाईयों से बोझिल रहा और संयोग इसलिए कि जो कठिनाईयाँ उनके मानस पटल... Read more
बड़का छोटका सब एक भये
जेठ असाढ़ कियो अस यास, बरातहिं रातहिं झंझट भै। केहि भांति सबैजन लोढ़ि परैं,केहि गउर बचें बड़ संकट भै।। बड़का छोटका सब एक भये,झट रेलिपरेन लखि सूनि मड़ैया। टुटिखाट गयी पटचर्र किहेन,तब बोलि पड़ी मुँहढाँकि के मैया।। भल नाय किह्यो खटिया तोड्यो,बरु नीक भयो सब आय गयो। जीवत रहिबो... Read more
मृत्यु का सम्मान तो होना ही चाहिए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अयोध्या संतोष देव पांडेय द्वारा प्रस्तुत मानवीय संवेदनाओं के यथार्थ को झकझोरने वाला आलेख मृत्यु गंगाजल है, पाप पुण्य दोनों धो देती है। व्यक्ति का सम्मान हो न हो, मृत्यु का सम्मान होना ही चाहिए। बालक अभिमन्यु की मृत्यु पर दुर्योधन के सारे भाई भले नाच... Read more
सदाकत  मैल  जो  धोये,वही त्यौहार  होली है
सदाकत मैल जो धोये,वही त्यौहार होली है। जो अपने रंग में रंग देती,वही व्यवहार होली है।। बड़ों के पैर छूते ही ,जो सारे वैर धो देती-जलाये। जो कपट छल द्वेष,वो आचार होली है।। देवर की ढिठाई का देती किस तरह उत्तर-बनें । भउजी भी मतवाली यही त्यौहार होली है।... Read more
फिर मिलकर हम खेलें होली
बचपन की गलियों की होलीचेहरे पर खुशियों की रोली अपनों की वो हंसी ठिठोलीयारों की मनमौजी टोली..।। रंग गुलाल की वो बौछारेंआज भी गीला कर जाती हैं कानों में अब भी आती हैंयारों की वो मीठी बोली..।। काश कभी हम फिर मिल पाते सबको अपने गले लगाते बारिश का... Read more
जीवन-सफ़र
गिरना व उठना सफ़र ज़िन्दगी का,इसी से है साधित सफ़र जिन्दगी का। कोई क्या किसी को गिरायेगा हमदम,नज़र से जो अपने गिरता है हरदम।। दुःखों व सुखों की दो नदियां हैं बहती,इसी बीच जीवन की चलती है कश्ती। दुःखों से दुःखी हो क्यों रोता है ये जन,सुखों व दुःखों... Read more
–:   मोक्ष के दस  साधन:–
मौन अंदर बाहर से मौन हो, विचार शून्य हो जाय। नित इसका का अभ्यास हो, यही है मोक्ष उपाय।। 1।। ब्रम्हचर्य इंद्रिय संयम पर ध्यान दें, ब्रम्हचर्य अनिवार्य। व्याकुल हो प्रभु के लिए, यह द्वितीय उपाय।। 2।। शास्त्र अध्ययन शास्त्रों के अध्ययन से, सत्य का होवे ज्ञान। शास्त्र श्रवण... Read more
महाशिवरात्रि पर विशेष:-भाग्यलेख बदलने वाले शंकर का पर्व
उदय राज मिश्र महाकवि बाण ने अप्रस्तुत प्रशंसा अलंकार का दृष्टांत प्रस्तुत करते हुए जगदीश्वर श्रीशिव की महत्ता का वर्णन करते हुए लिखा है-रजोजुषे जन्मनि सत्ववृत्तये प्रजानाम प्रलये तमस्प्रिषे।अजाय सर्ग स्थिति नाश हेतवे त्रयीमयाय त्रिगुणात्मके नमः।। अर्थात सृष्टिरचयिता श्रीब्रह्मा जी द्वारा रजोगुण का भोग कर पैदा की गई और... Read more
महिला सशक्तिकरण:अधिकार और कर्तव्य(अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस)
-विषय अत्यंत विशद और भाव बहुत ही गूढ़ होने औरकि अनेक प्रकार के मत-मतांतर से अपनी अपनी भाषाएं,परिभाषाएं और उदाहरण दिए जाने याकि गढ़े जाने के बावजूद महिला सशक्तिकरण के समग्र उपायों,उपागमों और साधनों तथा कृत प्रयासों पर सम्यक विवेचन आवश्यक है। यक्ष प्रश्न यह है कि सशक्तिकरण को... Read more