स्वैच्छिक श्रमदान से सामुदायिक भावना का विकास होता हैः कुलपति स्वैच्छिक श्रमदान से सामुदायिक भावना का विकास होता हैः कुलपति
अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान के तहत आज मुख्य परिसर में स्वैच्छिक श्रमदान अभियान चलाया गया। इस अभियान में कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह की अध्यक्षता में परिसर के सभी विभागों में शिक्षक एवं कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।     विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर, आईईटी एवं एमबीए के विभागों में साफ-सफाई का व्यापक असर दिखाई पड़ने लगा है। कुलपति प्रो0 सिंह ने सभी परिसरों का निरीक्षण किया। परिसर के शिक्षकों को दिशा-निर्देश एवं उत्साह वर्धन करते हुए दिखाई दिए। कुलपति ने शिक्षकों को बताया कि इस अभियान से परिसर के भवनों के आस-पास जमा कचरे की साफ-सफाई हो जाने से संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। कोविड-19 के संक्रमण की चेन को रोकने के लिए साफ-सफाई एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वैच्छिक श्रमदान से साफ-सफाई की सामुदायिक भावना विकास होता है। इस अभियान में विश्वविद्यालय के कुलसचिव उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो0 अजय प्रताप सिंह, प्रो0 चयन कुमार मिश्र, प्रो0 एमपी सिंह, प्रो0 आरके सिंह, प्रो0 नीलम पाठक, प्रो0 विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रो0 अनूप कुमार, डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार मिश्र, डाॅ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, डाॅ0 राजेश सिंह कुशवाहा, डाॅ0 शशि सिंह, डाॅ0 नीलम सिंह, डाॅ0 अर्जुन सिंह, डाॅ0 विनय कुमार मिश्र, डाॅ0 त्रिलोकी यादव, डाॅ0 आरएन पाण्डेय, डाॅ0 अनुराग पाण्डेय, डाॅ0 मुकेश वर्मा, डाॅ0 सघर्ष सिंह, डाॅ0 प्रतिभा त्रिपाठी, डाॅ0 दिलीप सिंह, कर्मचारी संघ के डाॅ0 राजेश पाण्डेय, डाॅ0 संदीप कुमार, डाॅ0 अनिल शर्मा, राजीव कुमार, सुरेन्द्र प्रसाद, रामजी, गंगा, किशुन यादव सहित आईईटी परिसर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ कर साफ-सफाई कर श्रमदान किया। स्वैच्छिक श्रमदान से सामुदायिक भावना का विकास होता हैः कुलपति

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान के तहत आज मुख्य परिसर में स्वैच्छिक श्रमदान अभियान चलाया गया। इस अभियान में कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह की अध्यक्षता में परिसर के सभी विभागों में शिक्षक एवं कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

    विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर, आईईटी एवं एमबीए के विभागों में साफ-सफाई का व्यापक असर दिखाई पड़ने लगा है। कुलपति प्रो0 सिंह ने सभी परिसरों का निरीक्षण किया। परिसर के शिक्षकों को दिशा-निर्देश एवं उत्साह वर्धन करते हुए दिखाई दिए। कुलपति ने शिक्षकों को बताया कि इस अभियान से परिसर के भवनों के आस-पास जमा कचरे की साफ-सफाई हो जाने से संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। कोविड-19 के संक्रमण की चेन को रोकने के लिए साफ-सफाई एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वैच्छिक श्रमदान से साफ-सफाई की सामुदायिक भावना विकास होता है। इस अभियान में विश्वविद्यालय के कुलसचिव उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो0 अजय प्रताप सिंह, प्रो0 चयन कुमार मिश्र, प्रो0 एमपी सिंह, प्रो0 आरके सिंह, प्रो0 नीलम पाठक, प्रो0 विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रो0 अनूप कुमार, डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार मिश्र, डाॅ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, डाॅ0 राजेश सिंह कुशवाहा, डाॅ0 शशि सिंह, डाॅ0 नीलम सिंह, डाॅ0 अर्जुन सिंह, डाॅ0 विनय कुमार मिश्र, डाॅ0 त्रिलोकी यादव, डाॅ0 आरएन पाण्डेय, डाॅ0 अनुराग पाण्डेय, डाॅ0 मुकेश वर्मा, डाॅ0 सघर्ष सिंह, डाॅ0 प्रतिभा त्रिपाठी, डाॅ0 दिलीप सिंह, कर्मचारी संघ के डाॅ0 राजेश पाण्डेय, डाॅ0 संदीप कुमार, डाॅ0 अनिल शर्मा, राजीव कुमार, सुरेन्द्र प्रसाद, रामजी, गंगा, किशुन यादव सहित आईईटी परिसर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ कर साफ-सफाई कर श्रमदान किया।

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