राम की पैड़ी के 24 घाटों पर दीए लगाने का कार्य शुरू हुआ राम की पैड़ी के 24 घाटों पर दीए लगाने का कार्य शुरू हुआ
अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय दीपोत्सव-2020 को भव्य बनाने के लिए राम की पैड़ी अयोध्या में आज 11 नवम्बर, 2020 को समन्वयकों की निगरानी में स्वयंसेवकों ने 24 घाटों पर दीए लगाने का कार्य शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने दीपोत्सव पदाधिकारियों के साथ सभी घाटों का भम्रण कर व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही स्वयंसेवकों एवं समन्वयकों को दिशा-निर्देश प्रदान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रातः 11 बजे स्वयंसेवकों को अयोध्या भेजने से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में कोविड की जाॅच कराई। लगभग 6 हजार स्वयंसेवकों में से 118 की रैंडम जाॅच हुई। जिसमें सभी का रैपिड एंटीजन टेस्ट निगेटिव पाया गया। इसके साथ ही सभी के सैपल आर0टी0पी0सी0आर0 के लिए भेजा गया है। अयोध्या राम की पैड़ी पर दीपोत्सव कार्य लगे स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा है। एक ही पैटर्न पर लगाये जाने वाले दीए का निर्धारित मानक तय किए गए है। दूर-दूर से प्रतिभाग करने आये स्वयंस्ेवकों को कोविड-19 के मानकों के अनुरूप मास्क पहन कर दीपोत्सव स्थल पर आना अनिवार्य कर दिया गया है। दीेपोत्सव स्थल पर सावधानी एवं बचाव के प्रति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से दिशा-निर्देश प्रसारित किए जाते रहे। दीपोत्सव स्थल पर बिना प्रवेश पास के आगमन प्रतिबन्धित कर दिया गया है।       इस बार दीपोत्सव-2020 में 6 लाख दीए सजाने का लक्ष्य रखा गया है। 5 लाख 50 हजार से अधिक दीए स्वयंसेवकों द्वारा जलाये जायेंगे। इसके लिए राम की पैड़ी पर 24 घाटों का चयन किया गया है। जिसमें लक्ष्मण घाट 48 हजार, वैदेही घाट 22 हजार, श्रीराम घाट 30 हजार, दशरथ घाट 39 हजार, भरत घाट 17 हजार, शत्रुध्न घाट 17 हजार, माडण्वी नागेश्वर उमाघाट 52 हजार, श्रुति कीर्ति घाट 40 हजार, कैकेयी घाट 40 हजार, कौशल्या घाट 40 हजार, सुमित्रा घाट 40 हजार, उर्मिला घाट 40 हजार, सहित अन्य घाटो पर इसी संख्या पर दीए जलाये जायेंगे। इसमें विश्वविद्यालय परिसर एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों, विभिन्न गैर संस्थानिक संस्थाओं में एनसीसी, एनएसएस के छात्रों की सहभागिता रहेगी। इस बार पुनः विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह के नेतृत्व में एक नया रिकार्ड बनाकर गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड में दर्ज होगा। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन के सहयोग से दीपोत्सव कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए कोविड प्रोटोकाॅल का पालन किया जा रहा है। 12 नवम्बर, 2020 को स्वयंसेवक एवं समन्वयकों के दिशा-निर्देशन में दीए सजाने का अंतिम रूप दिया जायेगा। 13 नवम्बर, 2020 को स्वयंसेवकों द्वारा निर्धारित समयावधि के अन्दर दीए जलाये जायेगे। राम की पैड़ी के 24 घाटों पर दीए लगाने का कार्य शुरू हुआ

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय दीपोत्सव-2020 को भव्य बनाने के लिए राम की पैड़ी अयोध्या में आज 11 नवम्बर, 2020 को समन्वयकों की निगरानी में स्वयंसेवकों ने 24 घाटों पर दीए लगाने का कार्य शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने दीपोत्सव पदाधिकारियों के साथ सभी घाटों का भम्रण कर व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही स्वयंसेवकों एवं समन्वयकों को दिशा-निर्देश प्रदान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रातः 11 बजे स्वयंसेवकों को अयोध्या भेजने से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में कोविड की जाॅच कराई। लगभग 6 हजार स्वयंसेवकों में से 118 की रैंडम जाॅच हुई। जिसमें सभी का रैपिड एंटीजन टेस्ट निगेटिव पाया गया। इसके साथ ही सभी के सैपल आर0टी0पी0सी0आर0 के लिए भेजा गया है। अयोध्या राम की पैड़ी पर दीपोत्सव कार्य लगे स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा है। एक ही पैटर्न पर लगाये जाने वाले दीए का निर्धारित मानक तय किए गए है। दूर-दूर से प्रतिभाग करने आये स्वयंस्ेवकों को कोविड-19 के मानकों के अनुरूप मास्क पहन कर दीपोत्सव स्थल पर आना अनिवार्य कर दिया गया है। दीेपोत्सव स्थल पर सावधानी एवं बचाव के प्रति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से दिशा-निर्देश प्रसारित किए जाते रहे। दीपोत्सव स्थल पर बिना प्रवेश पास के आगमन प्रतिबन्धित कर दिया गया है।

      इस बार दीपोत्सव-2020 में 6 लाख दीए सजाने का लक्ष्य रखा गया है। 5 लाख 50 हजार से अधिक दीए स्वयंसेवकों द्वारा जलाये जायेंगे। इसके लिए राम की पैड़ी पर 24 घाटों का चयन किया गया है। जिसमें लक्ष्मण घाट 48 हजार, वैदेही घाट 22 हजार, श्रीराम घाट 30 हजार, दशरथ घाट 39 हजार, भरत घाट 17 हजार, शत्रुध्न घाट 17 हजार, माडण्वी नागेश्वर उमाघाट 52 हजार, श्रुति कीर्ति घाट 40 हजार, कैकेयी घाट 40 हजार, कौशल्या घाट 40 हजार, सुमित्रा घाट 40 हजार, उर्मिला घाट 40 हजार, सहित अन्य घाटो पर इसी संख्या पर दीए जलाये जायेंगे। इसमें विश्वविद्यालय परिसर एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों, विभिन्न गैर संस्थानिक संस्थाओं में एनसीसी, एनएसएस के छात्रों की सहभागिता रहेगी। इस बार पुनः विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह के नेतृत्व में एक नया रिकार्ड बनाकर गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड में दर्ज होगा। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन के सहयोग से दीपोत्सव कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए कोविड प्रोटोकाॅल का पालन किया जा रहा है। 12 नवम्बर, 2020 को स्वयंसेवक एवं समन्वयकों के दिशा-निर्देशन में दीए सजाने का अंतिम रूप दिया जायेगा। 13 नवम्बर, 2020 को स्वयंसेवकों द्वारा निर्धारित समयावधि के अन्दर दीए जलाये जायेगे।

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