योगी सरकार का एक और तानाशाही पूर्ण फैसला :एस पी चौबे योगी सरकार का एक और तानाशाही पूर्ण फैसला :एस पी चौबे
यूपी सरकार समूह ख (बाबू)और समूह ग(चपरासी) की भर्ती सेवा नियमावली में परिवर्तन करके अब इस संवर्ग मे  परमानेंट नौकरी की जगह पर संविदा... योगी सरकार का एक और तानाशाही पूर्ण फैसला :एस पी चौबे

यूपी सरकार समूह ख (बाबू)और समूह ग(चपरासी) की भर्ती सेवा नियमावली में परिवर्तन करके अब इस संवर्ग मे  परमानेंट नौकरी की जगह पर संविदा (ठेका) के रूप मे भर्ती प्रक्रिया होगी और पांच साल तक इनकी काम करने की क्षमता ज्ञान देखा जाएगा और हर साल इनकों एक परीक्षा भी देनी पड़ेगी और परीक्षा में 60% से कम नंबर दो बार आया तो नौकरी से निकाल दिये जाएंगे। उ. प्र. कांग्रेस के श्रमिक नेता एस पी चौबे ने इस फैसले को योगी सरकार का एक तानाशाही पूर्ण फैसला बताया है। श्री चौबे ने कहा हैकि इस तरह का कानून गुजरात में अपने मुख्य मंत्री काल मे नरेंद्र मोदी ने लागू किया है और सरकारी धन के बचत करने के नाम पर योगी सरकार इस गुजरात माडल को लागू कर रहे हैं। अगर पैसा ही बचाना है तो पहले आइ ए यस आई पी यस कैडर मे संविदा नियम लागू किया जाए। बेचारे गरीब बाबू चपरासी ही बलि का बकरा काहे बनाए जा रहे हैं। एस पी चौबे ने कहा है कि संविदा के दौरान इन बाबू चपरासियों से बड़े अधिकारी अपने घरेलू नौकर चाकर की तरह बरताव करेंगे कारण इनकी सेवा समाप्त करने का अधिकार जो इनके पास है। ऐसे काले फैसले के बिरोध मे राज्य करमचारियो के सभी संगठनों को आपतकालीन बैठक बुलाकर अनिशचितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला करना चाहिए। इस कानून के लागू होने से महिला करमचारियो का शोषण अधिक होगा। हड़ताल तब तक रहनी चाहिए जब तक कैबिनेट इस फैसले को रद्द करने की घोषणा न कर दे। यदि योगी सरकार संविदा कर्मियों को रखने में सफल हो गई तो धीरे धीरे राज्य करमचारियो की अन्य सुबिधा मे कटौतियां हो सकती है।

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