ऑनलाइन पढ़ाई का सच ऑनलाइन पढ़ाई का सच
डॉ ए एस विशेन/प्रेम प्रकाश परिषदीय विद्यालयों में अधिकांश विद्यार्थियों के पास अभी भी स्मार्टफोन या लैपटॉप न होने की वजह से ऑनलाइन क्लास... ऑनलाइन पढ़ाई का सच

डॉ ए एस विशेन/प्रेम प्रकाश

परिषदीय विद्यालयों में अधिकांश विद्यार्थियों के पास अभी भी स्मार्टफोन या लैपटॉप न होने की वजह से ऑनलाइन क्लास से दूर हैं।ऐसे में सरकार की यह योजना उनके लिए बेकार साबित हो रही है। ये वे छात्र हैं जिनके यहां भूख मिटाने की चुनौती है। ऐसे में वह स्मार्टफोन कहां से लाएं और उसमें डाटा रिचार्ज कैसे कराएं। विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए शासन और प्रशासन को दूसरा रास्ता ढूंढने की जरूरत है।कोरोना संकट की वजह से परिषदीय विद्यालय 3 माह से बंद चल रहे हैं ऐसे में सरकार का ज्यादा से ज्यादा फोकस ऑनलाइन पढ़ाई पर है। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी शासन की मंशा के मुताबिक ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू किया है। हाटा ब्लाक में कुल 210 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिसमें 149 प्राथमिक और 61 जूनियर विद्यालय शामिल हैं। जहां कुल 17249 विद्यार्थी पंजीकृत है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ शिक्षकों ने बताया कि निजी विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई को देखते हुए शासन ने परिषदीय विद्यालय में भी ऑनलाइन पढ़ाई का कवायद शुरू की है, मगर इस व्यवस्था का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह है कि अधिकांश अध्यापक स्वयं रूचि नहीं ले रहे हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन व लैपटॉप न होना सबसे बड़ी बाधा बन रही है। इस संबंध में जब खंडशिक्षा अधिकारी विजय कुमार गुप्ता से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा के लिए सभी विद्यालयों के अध्यापकों को निर्देशित किया गया है । जिसके माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन क्लास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकांश बच्चों के पास स्मार्टफोन न होने से ऑनलाइन क्लास में बाधा बन रही है इसके लिए  कुछ नया तरीका अपनाना पड़ेगा।

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