जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है श्रीराम कथा जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है श्रीराम कथा
दुर्गा दत्त पांडेय अम्बेडकरनगर – रतनपुर मे चल रही श्रीराम कथा कथा के आयोजक मन्दिर के महंत पंडित सत्येन्द्र कुमार दूबे ने कहा श्रीराम... जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है श्रीराम कथा

दुर्गा दत्त पांडेय

अम्बेडकरनगर – रतनपुर मे चल रही श्रीराम कथा कथा के आयोजक मन्दिर के महंत पंडित सत्येन्द्र कुमार दूबे ने कहा श्रीराम कथा तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। इस अवसर पर राम-सीता विवाह भी संपन्न किया गया। श्रीराम कथा में कथावाचक बालक दास ने कहा कि रामकथा का आनंद तभी है, जब वक्ता और श्रोता दोनों सुर, लय, ताल मिलाकर कथा का रसपान करें। प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा खुद प्रकट हो जाएंगे। प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। मन्दिर के पुजारी आदित्य दूबे ने कहा रामकथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान की लीला, चरित्र व गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है।भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। श्रद्धालुओं ने नाचते गाते कथा का आनंद लिया।

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