कोरियन गणराज्य एवं अयोध्या के प्राचीन रिश्तों को मिलेगी नई दिशा कोरियन गणराज्य एवं अयोध्या के प्राचीन रिश्तों को मिलेगी नई दिशा
अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एवं कोरियन संस्कृति केन्द्र के मध्य एम0ओ0यू0 किया गया। यह अनुबन्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित एवं... कोरियन गणराज्य एवं अयोध्या के प्राचीन रिश्तों को मिलेगी नई दिशा



अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एवं कोरियन संस्कृति केन्द्र के मध्य एम0ओ0यू0 किया गया। यह अनुबन्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित एवं कोरियन संस्कृति केन्द्र एम्बेसी आफ रिपब्लिक आफ कोरिया के निदेशक किम कुम प्योंग के मध्य किया गया। यह एम0ओ0यू0 अगस्त 2020 से जुलाई, 2022 तक के लिए दो वर्षाे के लिए किया गया है। एम0ओ0यू0 होने से कोरियाई भाषा को बढ़ावा मिलेगा एवं महारानी हो मेमोरियल पार्क, अयोध्या के सिद्धान्तों को गति मिलेगी। इसके तहत कोरियन गणराज्य से शिक्षक का अनुमोदन एवं महारानी हौ के दिवस पर विश्वविद्यालय और कोरियन संस्कृति केन्द्र के मध्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। विश्वविद्यालय में स्थापित कोरियन अध्ययन केन्द्र अध्ययन सामग्री उपलब्ध करायेगी। शिक्षकों के वेतन एवं भत्ते कोरिया गणराज के शकिंग सी जान इंस्टीट्यूट फाउंडेशन रिपब्लिक आफ कोरिया के द्वारा वहन किया जायेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने बताया कि इस अनुबन्ध से कोरियन गणराज्य एवं अयोध्या के प्राचीन रिश्तों को नई दिशा प्राप्त होगी। सदियों पुरानी संस्कृतिक विरासत को साझा करने के लिए विश्वविद्यालय में कोरियन अध्ययन केन्द्र की स्थापना गौरव का विषय है। कोरियन गणराज्य की महारानी हौ एवं भारत के मध्य रिश्तों को प्रगाढ़ कर अयोध्या में पर्यटन एवं संस्कृतिक विरासत को साझा करने में मदद मिलेगी। भारत के भी छात्र कोरियन संस्कृति पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस उपलब्धि पर अध्ययन केन्द्र के प्रो0 विनोद श्रीवास्तव, सदस्य ओम प्रकाश सिंह, डाॅ0 अरूण प्रकाश पाण्डेय, डाॅ0 रजनीश सिंह ने खुशी जताई।

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