इंटैक अयोध्या द्वारा ‘आम्रोत्सव’ का सफल आयोजन इंटैक अयोध्या द्वारा ‘आम्रोत्सव’ का सफल आयोजन
संदीप पांडेय अयोध्या । इंटैक अयोध्या चैप्टर की ओर से आम्रोत्सव (धरोहर यात्रा) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस यात्रा में शामिल लगभग 80... इंटैक अयोध्या द्वारा ‘आम्रोत्सव’ का सफल आयोजन

संदीप पांडेय

अयोध्या । इंटैक अयोध्या चैप्टर की ओर से आम्रोत्सव (धरोहर यात्रा) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस यात्रा में शामिल लगभग 80 लोगों ने दर्शन नगर स्थित शंकर निवास, बाग-बावली, पीर बाबा की मजार, बावली पर स्थित शिवलिंग, रबड़ का प्राचीन पेड़, चिन्नी का पेड़ आदि स्थलों की यात्रा कर उसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी हासिल की। अयोध्या चैप्टर की संयोजक श्रीमती मंजुला झुनझुनवाला एवं धरोहर यात्रा की संयोजक डॉ० दिव्या शुक्ला की अगुवाई में आयोजित इस धरोहर यात्रा में लोकगीत, झूला और आम्रभोज जैसे कार्यक्रम आकर्षण के केंद्र बिंदु रहे।

कार्यक्रम में एक और जहां आम, बाग, बावली, झूला तथा वर्षा ऋतु पर आधारित पारंपरिक अवधी लोकगीतों से रंग भरने का प्रयास किया गया, वहीं दूसरी ओर प्रतिभागियों ने झूला झूलकर अपने बचपन की यादें ताजा की।हिमांशुमणि त्रिपाठी और साथियों द्वारा प्रस्तुत की गयी कजरी ‘पिया मेहँदी लिया द मोतीझील से …, ‘कोयल बिना बगिया न सोहे राजा.. ने लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया । इसी क्रम में अनिल मल्होत्रा, गंगा सागर और निर्मल ने भी अपनी लोकगायकी और नृत्य से लोगों का दिल जीता I इस प्रस्तुति ने लोगों को लोकगीतों की समृद्ध परंपरा से परिचित कर अपनी लोक परंपरा को सहेजने का सन्देश भी दिया । तदुपरांत आयोजित आम्रभोज में लोगों ने ग्रामीण अंदाज में बाल्टी में भरकर विविध प्रजातियों के आमों का रसास्वादन किया। आम्रभोज के दौरान बाग के संरक्षक विजय कुमार मिश्र ने आमों की देशी प्रजातियों जर्दालू, गौरजीत, गुलाबखास, मिठुआ, सिंदूरी, सुर्खा, मलिहाबादी सफेदा, करिअवा, बेलाहवा आदि की विशेषताओं, स्वाद तथा रचना से लोगों को परिचित किया ।

राजकुमारी अपर्णा मिश्रा के द्वारा प्राप्त जानकारी और अन्य पुस्तकीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी को इंटैक सदस्य एस पी मिश्र ने धरोहर यात्रा के सभी प्रतिभागियों के साथ विस्तारपूर्वक साझा किया । उन्होंने बताया कि दर्शन नगर राजा दर्शन सिंह जी द्वारा बसाया गया था । शंकर निवास स्थित आम की बगिया लखपेड़वा नाम से प्रसिद्ध है। जिसका स्वामित्व वर्तमान में राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और शैलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र (अयोध्या राज परिवार) के पास है I यह बाग लगभग सवा सौ एकड़ में फैला है I जिसमें आम, जामुन, कटहल, अमरुद, चिन्नी, रबड़, सागौन आदि के वृक्ष हैं । 200 वर्ष पुराने रबड़ के पेड़ के साथ-साथ लुप्त हो रहे चिन्नी का पेड़ भी बाग की शोभा बढ़ा रहे हैं।

मान्यता है कि राजा ददुआ महाराज की पत्नी रानी जगदंबा देवी ने बाग और बावली का विधिपूर्वक विवाह संपन्न करवाया था। इसे जल और वनस्पतियों के अन्योन्याश्रित सम्बन्ध और पर्यावरण संरक्षण की दृढ़ इच्छाशक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाना चाहिए । बावली में दो घुमावदार सीढियाँ बनी हैं । इसका पानी बहुत ही स्वच्छ और शीतल है I यहां स्थित पीर बाबा की मजार सांप्रदायिक सद्भाव की प्रतीक है, जो अति प्राचीन है । पीर बाबा लोगों की विषैले जीव जंतुओं से रक्षा करते हैं I कार्यक्रम के समापन सत्र में चैप्टर संयोजक श्रीमती मंजुला झुनझुनवाला ने इंटैक अयोध्या के उद्देश्यों, योजनाओं और इसके द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया I उन्होंने लोगों से आजीवन सदस्यता ग्रहण करने की भी अपील की I धरोहर यात्रा की संयोजक डॉ दिव्या शुक्ला ने राजकुमारी अपर्णा मिश्रा , अयोध्या राज घराना, बाग के संरक्षक विजय मिश्र तथा वहाँ उपस्थित सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की । कार्यक्रम के सफल आयोजन में चैप्टर की सह संयोजक सुश्री अनुजा श्रीवास्तव तथा हेरिटेज क्लब के सदस्यों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ । इस कार्यक्रम में लगभग 80 लोगों ने प्रतिभाग किया । कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का विधिवत अनुपालन किया गया।

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