इस बार शहरियों की तरह ग्रामीण हैं सतर्क व सचेत इस बार शहरियों की तरह ग्रामीण हैं सतर्क व सचेत
राजेश तिवारी अम्बेडकरनगर। कोरोना का कहर एक साल से अधिक समय से बरप रहा है। बीते साल की अपेक्षा इस साल कोरोना से बचाव... इस बार शहरियों की तरह ग्रामीण हैं सतर्क व सचेत

राजेश तिवारी

अम्बेडकरनगर। कोरोना का कहर एक साल से अधिक समय से बरप रहा है। बीते साल की अपेक्षा इस साल कोरोना से बचाव के मामले में ग्रामीण बेहद सावधान हैं। शहरियों शहरों की अपेक्षा कम लापरवाही बरत रहे हैं। हालांकि बीते साल ऐसा नहीं था।कारण चाहे जो भी हो लेकिन इस बार ग्रामीण काफी सतर्क दिख रहे हैं। मौके पर कोरोना के वायरस कहर काफी तेज है और उसके कहर की तेजी शहरों से अधिक ग्रामीण इलाकों में है। पंचायत चुनाव के बाद आशंका व्यक्त की जा रही थी कि गांव में कोरोना के वायरस का कहर तेज होगा। आशंका सच साबित हो रही है। इसके प्रमाण बिलारी, मद्धूपुर, दामोदर पट्टी व अन्य गांव हैं। इस सबके बीच अहम यह है कि ग्रामीण कितने सतर्क हैं। इसकी पड़ताल करने पर पता चला है कि ग्रामीण काफी सतर्क और सचेत हैं। बाहर से आने वाले और बीमार होने वाले स्वयं क्वारन्टीन हो जा रहे हैं। उन्हें परिवार वालों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। दूसरी ओर कोरोना गाइडलाइन का पालन करने में ग्रामीण काफी सचेत है। गांव में हो रहे कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी भी लगभग नगण्य रहती है। ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में अनावश्यक दुकानें नहीं खुल रही हैं। न लोगों लोग ही भ्रमण कर रहे हैं। हालांकि सुबह के समय आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी के लिए इक्का-दुक्का लोग निकलते हैं। दूध और फल सब्जी के कारोबारियों के अलावा लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं। मौके पर खेती किसानी का कार्य भी नहीं है। ऐसे में केवल शादी विवाह के कार्यक्रम में भी लोग शामिल हो रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए शिरकत कर रहे हैं।

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