मेरी कलम से : अदालत की फटकार के बाद क्यों जागती है सरकार? मेरी कलम से : अदालत की फटकार के बाद क्यों जागती है सरकार?
सूर्यभान गुप्त दिल्ली सरकार ने माननीय लोगों के लिए अशोका होटल के  100 कमरे बुक कर दिए। भला हो हमारे अदालत का जिन्होंने जमकर... मेरी कलम से : अदालत की फटकार के बाद क्यों जागती है सरकार?

सूर्यभान गुप्त

दिल्ली सरकार ने माननीय लोगों के लिए अशोका होटल के  100 कमरे बुक कर दिए। भला हो हमारे अदालत का जिन्होंने जमकर फटकार लगाई। मौजूदा समय संकट का आपातकाल है और ऐसे में ऐसी वैसी हरकत नहीं करनी चाहिए। व्यवस्था की कमी हर जगह दिखाई दे रही है। इसके बाद भी सरकार का प्रयास जारी है और बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।सवाल उठता है सरकार अदालत की फटकार के बाद क्यों जागती है। गुंडा माफिया को इस देश में प्राथमिकता मिलती है। छोटा राजन को तुरंत बेड मिल गया ।आम आदमी भटक रहा है। बड़े-बड़े नामी गिरामी पत्रकार ट्विटर पर किसी न किसी के लिए सहायता मांग रहे हैं सब झूठे नहीं हो सकते। व्यवस्था कीजिए जल्दी। देर होना देश के लिए घातक होगा। क्या हमारी तैयारी पूरी नहीं थी। यह सवाल अचानक खड़ा हो गया है। वरिष्ठ आईएएस सूर्य प्रताप सिंह बार-बर ट्विटर पर लिख रहे हैं। हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 15 दिन का लॉक डाउन करने की बात कही है।फिलहाल वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए उचित यही होगा, यद्यपि  की कुछ कठिनाई होंगे लेकिन मजबूरी है।

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