मेरी कलम से:  सिस्टम खराब है मेरी कलम से:  सिस्टम खराब है
सूर्यभान गुप्त जो  किए वादे चुनी सरकार ने,  हर चुनी सरकार ने धोखे दिए, सिस्टम बहुत खराब चीज है। मेरा मीटर जल गया। दरखास्त... मेरी कलम से:  सिस्टम खराब है

सूर्यभान गुप्त

जो  किए वादे चुनी सरकार ने,  हर चुनी सरकार ने धोखे दिए, सिस्टम बहुत खराब चीज है। मेरा मीटर जल गया। दरखास्त दिया । 2 लोग आए।  सिस्टम से लेंगे कि बगैर सिस्टम से। हमने कहा दोनों का फर्क बताइए। बोले सिस्टम में अवश्य मिलेगी लेकिन एक हफ्ता बाद। बगैर सिस्टम में तत्काल । दो हजार देना पड़ेगा। हमने 2000 दिया। तो भाई यह सिस्टम। स्वर्गीय राजीव गांधी कहते थे ₹1 देता हूं पचासी बीच में चला जाता। बीच में नहीं सिस्टम में चला जाता है। कुछ समझे। हमारे एक मित्र हैं। एक महीना पहले चेक मीटर के लिए पैसा दिया। सिस्टम से दिया इसीलिए अभी तक चेक मीटर नहीं लगा। 551 संख्या शुभ है। उम्मीद किया जाना चाहिए प्रधानमंत्री के भावनाओं को ध्यान में रखकर तत्काल चालू कराने की कृपा करेंगे ।लोग सिस्टम में नहीं जाएंगे। एक अस्पताल की नर्स अपने प्रेमी को दवा दे देती थी और मरीज को दूसरे दवा लगा देती थी ।पकड़ा गया लड़का। सिस्टम खराब है। दूर मत जाइए प्रसिद्ध केजीएमसी हॉस्पिटल में रैकेट पकड़ा गया। सिस्टम से चल रहा था। अचानक पुलिस आ गई। प्रताप सोमवंशी के शेर से समाप्त करता हूं पलके खुली तो जाना हमने, मौत ने फिर हमको जिंदगी को  सौंप दिया। सकारात्मक रहें। मस्त रहिए।भारतीय जनता पार्टी सांसद कौशल किशोर का बयान सुनना जरूरी है।

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