मोहम्मदपुर कठार पर नहीं पड़ रही विकास की किरण मोहम्मदपुर कठार पर नहीं पड़ रही विकास की किरण
सत्य प्रकाश वर्मासंत कबीर नगर।विकास खण्ड खलीलाबाद के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर कठार का विकास कोसो दूर है।इस गांव को देश के स्वतंत्रता प्राप्ति के... मोहम्मदपुर कठार पर नहीं पड़ रही विकास की किरण

सत्य प्रकाश वर्मा
संत कबीर नगर।विकास खण्ड खलीलाबाद के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर कठार का विकास कोसो दूर है।इस गांव को देश के स्वतंत्रता प्राप्ति के 70साल बीत जाने के बाद भी एक प्राथमिक विद्यालय नसीब नहीं हो सका है।इसके अलावा टूटी फूटी सड़क,नालियों के जल निकासी आदि की व्यवस्था भी दयनीय है।गांव का युवा जांबाज जवान राम प्रताप यादव ने देश की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों की बली दे कर वीरगति को प्राप्त किया है
देश को आजादी मिलने के बाद खलीलाबाद विकास खण्ड के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर कठार और मोहीउद्दीनपुर गांव को मिला कर एक ग्राम प्रधान का चुनाव हुआ करता था।इस गांव में यादव,मुस्लिम,निषाद,गड़ेरिया और अनुसूचित जाति की मिली जुली आवादी निवास करती है।गांव के अब तक छ ग्राम प्रधान हुए हैं।जिसमे जैफुल्लाह खां को पहली बार ग्राम प्रधान चुना गया।उसके बाद बलराम यादव,जगदीश यादव,शब्बीर अहमद के बाद आरक्षण चक्र में एक बार अनुसूचित जाति के संजय कुमार आर्य को ग्राम पंचायत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।इस ग्राम पंचायत का विभाजन वर्ष 2013-14 में होने के बाद ग्राम मोहीउद्दीनपुर से अलग होने के पहला ग्राम प्रधान रविन्द्र कुमार यादव को गांव की जनता ने चुना।सरकार शिक्षा के बढ़ावा के लिए तमाम योजना बना कर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करती रहती है।जिससे गांव के गरीब परिवार के बच्चो को प्राथमिक स्तर की शिक्षा गांव में ही प्राप्त हो सके।इसके लिए प्रत्येक गांव मे एक प्राथमिक विद्यालय की स्थापना किया गया है।वहीं इसके विपरीत मोहम्मदपुर कठार में गरीबों के बच्चों प्राथमिक स्तर की शिक्षा से महरुम हैं।उन्हे प्राथमिक शिक्षा के लिए लगभग दो किमी दूर मगहर कस्बे में जाना पड़ता है।वर्ष 1995-96में जगदीश यादव प्रधान बनने के बाद उन्होनें प्राथमिक विद्यालय की स्थापना के लिए प्रयास किया।विद्यालय की स्थापित करने के लिए भूमि की तलास की गई लेकिन भूमफियों के कारण जमीन नहीं मिल सकी।जिसके कारण अब तक विद्यालय की स्थापन नहीं हो सकी।इसके अलावा मोहम्मदपुर कठार गांव की कोई भी सड़क सही और दुरुस्त होने के बजाय टूट कर गड्ढे का रुप ले चुकी हैं।गांव की सफाई व्यवस्था लचर होने के कारण पूरे गांव की नालियाँ जाम हो गई है और बजबजाती नाली की बदबुदार गन्दगी इसकी पहचान बन गई है।इसके अलावा चिकित्सकीय सुविधा भी शुन्य है। विकास कार्य पर धन तो खर्च किया गया लेकिन धरातल पर कुछ ही नजर आ रहा है।ग्राम प्रधान रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 में लगभग सात लाख ₹ से गांव का विकास किया गया है। उनके द्वारा जल निकासी के लिए ह्यूम पाईप डाल कर नाली का निर्माण कराया गया है।जिससे गांव को जल निकासी की समस्या से निजात मिल सके।गांव में आंगनवाड़ी का भी निर्माण किया जा चुका है।इसके अलावा पूरे ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाने और शुद्ध पेयजल योजना अन्तर्गत पानी की टंकी,मनरेगा से गौशाला का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।

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