सदाकत  मैल  जो  धोये,वही त्यौहार  होली है सदाकत  मैल  जो  धोये,वही त्यौहार  होली है
सदाकत मैल जो धोये,वही त्यौहार होली है। जो अपने रंग में रंग देती,वही व्यवहार होली है।। बड़ों के पैर छूते ही ,जो सारे वैर... सदाकत  मैल  जो  धोये,वही त्यौहार  होली है

सदाकत मैल जो धोये,वही त्यौहार होली है।

जो अपने रंग में रंग देती,वही व्यवहार होली है।।

बड़ों के पैर छूते ही ,जो सारे वैर धो देती-जलाये।

जो कपट छल द्वेष,वो आचार होली है।।

देवर की ढिठाई का देती किस तरह उत्तर-बनें ।

भउजी भी मतवाली यही त्यौहार होली है।

बुढ़ऊ खूब गरियाएं गोबर पीठ पर पाकर ।

अइया जमके मुस्काएँ गजब व्यवहार होली है।।

भुला दें आज अपने को,रंगें रंग में

“उदय”ऐसे-कन्हैया की गजब लीला, का ये संसार होली है।

बुराई होलिका बनकर जले,प्रह्लाद हों

हमसब-जोगीरा मिल के सब गायें,यही त्यौहार होली है।।

-उदयराज मिश्र नैव च नैवम दहति पावकः यः स प्रह्लाद:

।प्रभुकृपा का वर्णन मानस में भी गोस्वामीजी ने बड़ा सुंदर किया है

-“ताकर दूत अनल जेहिं सिरिजा।जरा न सो तेहिं कारन गिरिजा।।”

जिसपर प्रभु की कृपा हो उसे कहाँ अग्नि का भय।वह तो प्रह्लाद है।

वह तो प्रभुभक्त है।वह तो सन्मार्गी है।

रंगोत्सव होलिकोत्सव के महामांगल्यप्रद सुअवसर पर सभी विद्वतश्रेष्ठों,

आत्मिक स्वजनों,सुजनों व आमजनमानस को माध्यमिक शिक्षक संघ,अम्बेडकर नगर

की हृदय की गहराइयों से कोटिशः शुभकामनाएं।

आप सब अपना स्नेह और नेह तथा अपना दृढ़ विश्वास यूँ ही बनाये रखें।

संघ लोकमंगल और जनरंजन के प्रत्येक कार्य में अपना योगदान सतत देता रहेगा।

पुनश्च,रंगों का ये त्यौहार आपको,पुरजन,परिजन और अन्यान्य स्वजनों सहित सुमंगलकारी हो।

शुभ होली।

उदयराज मिश्र

Times Todays News

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