सरकार तदर्थ शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाये :  देवेंद्र सिंह सरकार तदर्थ शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाये :  देवेंद्र सिंह
दुर्गा दत्त पांडेय अंबेडकर नगर फैज़ाबाद की आवाज/ टाइम्स टुडेज 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके तदर्थ शिक्षक को भी सरकार ने परीक्षा... सरकार तदर्थ शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाये :  देवेंद्र सिंह

दुर्गा दत्त पांडेय

अंबेडकर नगर

फैज़ाबाद की आवाज/ टाइम्स टुडेज

60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके तदर्थ शिक्षक को भी सरकार ने परीक्षा की आग में ढकेल रही है। जबकि चयन बोर्ड ने आवेदन की अधिकतम आयु 60 वर्ष ही निर्धारित की है। इसी तरह की तमाम विसंगतियां हैं जिससे तदर्थ शिक्षक जूझ रहे हैं और सरकार असंवेदनशील बनी हुई है। माध्यमिक शिक्षक संघ ठाकुराई गुट ने माध्यमिक विद्यालयों में पिछले 20 वर्षों से नियुक्त होकर कार्यरत तदर्थ शिक्षकों के ताजा हालात पर गहरी चिंता प्रकट की है। संघ ने मांग किया कि सरकार तदर्थ शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें परीक्षा से अलग करते हुए सभी को विनियमित करने की मांग की है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा है पूर्व में कई बार पार्टी के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जब भी वार्ता हुई है तब शिक्षकों को विनियमित करने का आश्वासन दिया गया था। पूर्व में निदेशालय पर हुए धरने में भी विनियमितीकरण का आश्वासन दिया गया था। अब तदर्थ शिक्षकों को प्रतियोगी छात्रों के साथ मुख्य परीक्षा में शामिल कराना बहुत ही चिंताजनक है। और अव्यवहारिक है। 20 वर्ष तक की सेवा के बाद इस तरह का रवैया मानवीयता से भी परे है। वर्तमान समय मे तमाम शिक्षक सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। कुछ की आयु 60 वर्ष तक हो चुकी है। इसके बाद भी उन्हें मुख्य परीक्षा में धकेला जा रहा है। आज तदर्थ शिक्षकों का पूरा परिवार घोर निराशा और अंधकार में है। ताजा स्थिति और सरकार के अमानवीय कदम से तदर्थ शिक्षक आत्महत्या की तरफ अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते तदर्थ शिक्षकों के प्रति उदार रवैया नहीं अपनाती है तो शिक्षक बर्बाद हो जायेगें। तदर्थ शिक्षकों ने सरकार से सहानुभूति पूर्वक विचार कर विनियमितीकरण की मांग की है।

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