अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ व्याख्यान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ व्याख्यान
अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में वीमेन ग्रीवेंस एवं वेलफेयर सेल द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज 08 मार्च, 2021 को महिला सशक्तिकरण सुदृढ़ समाज की आवश्यकता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने ’‘यत्र नार्यन्तु पूज्यंते रमंते तंत्र देवता‘’ जहां पर नारी की पूजा की जाती है वही पर देवता गण निवास करते है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय जनसमाज में स्त्री सदैव पूज्यनीय रही है। प्राचीन काल से ही नारी शक्ति को सदैव सम्मान की दृष्टि से देखा गया है। कुलपति ने बताया कि नारी प्रकृति की प्रतिनिधि होती है इसी में शक्ति समाहित है। भारतीय संस्कृति का आधार नारी है।     कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय सांख्यिकी विभाग की प्रो0 शीला मिश्रा ने बताया कि महिला सशक्तीकरण एक विवेकपूर्ण प्रक्रिया है। हम सभी ने अतिमहात्वाकांक्षा में इसे सशक्तीकरण मान लिया है। महिला दिवस का औचित्य तबतक नही सिद्ध होगा जबतक की सच्चे अर्थाें में महिलाओं की स्थिति में सुधार नही हो सकता। स्त्री अपने परिवार और समाज को सदैव जोड़ने का कार्य किया है। भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाएं परिवार के लिए पूरा जीवन समर्पित कर देती है। राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब महिला शक्ति का उपयोग न केवल घरेलू कार्यों बल्कि देश के उत्थान में भी लिया जाये। महिला और पुरूष दोनों ईश्वर की विशिष्ट रचनाएं है। दोनों का अपना अस्तित्व है।     कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महापौर अयोध्या की पत्नी श्रीती वंदना उपाध्याय ने कहा कि जहां स्त्रियों का सम्मान नही होता उस समाज में उत्थान भी नही हो पाता। ईश्वर की सबसे सुन्दर कृतियों में नारी सर्वश्रेष्ठ कृति है। जो दया, त्याग और प्रेम की प्रतिमूर्ति है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 नीलम पाठक ने कहा कि स्त्री पुरूष एक दूसरे के पूरक है। शिक्षित और स्वयं में पूर्ण होंना ही लक्ष्य होना चाहिए। मुख्य नियंता प्रो0 अजय प्रताप सिंह ने कहा कि यह दिवस स्त्रियों की स्वतंत्रता व सशक्त होने का प्रतीक है। आजकल महिला ग्राम प्रधान से लेकर देश की राष्ट्रपति पद तक को गौरवान्वित कर रही है जो कि सशक्त होने का प्रतीक है। वर्तमान युग में सभी महिलाओं के लिए प्रगति के द्वार खुले हुए हैं। स्वागत उदबोधन सेल की समन्वयक प्रो0 तुहिना ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का स्वागत किया एवं आत्मसुरक्षा की शपथ दिलाई।      कार्यक्रम में नारी सशक्तीकरण पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन के निर्णायक मंडल में पल्लवी सोनी एवं रीमा सिंह की भूमिका उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का शुभारम्भ माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कुलगीत की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनीषा यादव ने किया। अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन डाॅ0 सिंधू सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो0 राजीव गौड़, प्रो0 विनोद श्रीवास्तव, प्रो0 आशुतोष सिन्हा, डाॅ0 विनय कुमार मिश्र, डाॅद्ध मुकेश वर्मा, डाॅ0 प्रतिभा त्रिपाठी, डाॅ0 महिमा चैरसिया, डाॅ0 सरिता द्विवेदी, निधि अस्थाना, वल्ल्भी तिवारी, सीमा सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल रही। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ व्याख्यान

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में वीमेन ग्रीवेंस एवं वेलफेयर सेल द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज 08 मार्च, 2021 को महिला सशक्तिकरण सुदृढ़ समाज की आवश्यकता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने ’‘यत्र नार्यन्तु पूज्यंते रमंते तंत्र देवता‘’ जहां पर नारी की पूजा की जाती है वही पर देवता गण निवास करते है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय जनसमाज में स्त्री सदैव पूज्यनीय रही है। प्राचीन काल से ही नारी शक्ति को सदैव सम्मान की दृष्टि से देखा गया है। कुलपति ने बताया कि नारी प्रकृति की प्रतिनिधि होती है इसी में शक्ति समाहित है। भारतीय संस्कृति का आधार नारी है।

    कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय सांख्यिकी विभाग की प्रो0 शीला मिश्रा ने बताया कि महिला सशक्तीकरण एक विवेकपूर्ण प्रक्रिया है। हम सभी ने अतिमहात्वाकांक्षा में इसे सशक्तीकरण मान लिया है। महिला दिवस का औचित्य तबतक नही सिद्ध होगा जबतक की सच्चे अर्थाें में महिलाओं की स्थिति में सुधार नही हो सकता। स्त्री अपने परिवार और समाज को सदैव जोड़ने का कार्य किया है। भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाएं परिवार के लिए पूरा जीवन समर्पित कर देती है। राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब महिला शक्ति का उपयोग न केवल घरेलू कार्यों बल्कि देश के उत्थान में भी लिया जाये। महिला और पुरूष दोनों ईश्वर की विशिष्ट रचनाएं है। दोनों का अपना अस्तित्व है।

    कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महापौर अयोध्या की पत्नी श्रीती वंदना उपाध्याय ने कहा कि जहां स्त्रियों का सम्मान नही होता उस समाज में उत्थान भी नही हो पाता। ईश्वर की सबसे सुन्दर कृतियों में नारी सर्वश्रेष्ठ कृति है। जो दया, त्याग और प्रेम की प्रतिमूर्ति है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 नीलम पाठक ने कहा कि स्त्री पुरूष एक दूसरे के पूरक है। शिक्षित और स्वयं में पूर्ण होंना ही लक्ष्य होना चाहिए। मुख्य नियंता प्रो0 अजय प्रताप सिंह ने कहा कि यह दिवस स्त्रियों की स्वतंत्रता व सशक्त होने का प्रतीक है। आजकल महिला ग्राम प्रधान से लेकर देश की राष्ट्रपति पद तक को गौरवान्वित कर रही है जो कि सशक्त होने का प्रतीक है। वर्तमान युग में सभी महिलाओं के लिए प्रगति के द्वार खुले हुए हैं। स्वागत उदबोधन सेल की समन्वयक प्रो0 तुहिना ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का स्वागत किया एवं आत्मसुरक्षा की शपथ दिलाई।

     कार्यक्रम में नारी सशक्तीकरण पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन के निर्णायक मंडल में पल्लवी सोनी एवं रीमा सिंह की भूमिका उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का शुभारम्भ माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कुलगीत की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनीषा यादव ने किया। अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन डाॅ0 सिंधू सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो0 राजीव गौड़, प्रो0 विनोद श्रीवास्तव, प्रो0 आशुतोष सिन्हा, डाॅ0 विनय कुमार मिश्र, डाॅद्ध मुकेश वर्मा, डाॅ0 प्रतिभा त्रिपाठी, डाॅ0 महिमा चैरसिया, डाॅ0 सरिता द्विवेदी, निधि अस्थाना, वल्ल्भी तिवारी, सीमा सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल रही।

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