मेरी कलम से: रोजगार मांगना भी हो गया है अपराध मेरी कलम से: रोजगार मांगना भी हो गया है अपराध
सूर्यभान गुप्ता आप मजे में हैं तो क्या फसले बहार है। उनसे पूछो जो अब तक बेरोजगारहै। डॉक्टर डीएममिश्रा की कविता से शुरू करता... मेरी कलम से: रोजगार मांगना भी हो गया है अपराध

सूर्यभान गुप्ता

आप मजे में हैं तो क्या फसले बहार है। उनसे पूछो जो अब तक बेरोजगारहै। डॉक्टर डीएममिश्रा की कविता से शुरू करता हूं।  दूसरी तरफ बीते दिनों प्रथम पुरस्कार में 1 लीटर पेट्रोल मिला । आप समझ लीजिए शादी नहीं हुई होती तो रिश्ता अब तक पक्का हो जाता। दो करोड़ के हिसाब से जोड़ लीजिए कितनों को रोजगार मिल गया। अब बंगाल में रोजगार की बहार है। चुनाव के कारण रोजगार की बहार है। चलिए आगे बढ़ते हैं। जो नहीं मिलना है उसकी बात ही ना करें ज्यादा अच्छा है। धीरे-धीरे होली नजदीक आ रही है और धीरे-धीरे गैस सिलेंडर महंगा हो रहा है। होली की बहार है तेल डेढ़ सौ रुपया पार है। पिछले दिनों याद होगा मुंबई में 10- 12 घंटे बिजली चली गई थी। अब खुलासा हो रहा है चाइना का cyber-attack था। घबराइए मत देश सुरक्षित हाथों में है। फिलहाल शिवरात्रि की तैयारी कीजिए।  प्रधान बनने वालों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। लिखना चाहता था लेकिन लिख नहीं पाया।. रोजगार मांगना भी अपराध हो गया है। इलाहाबाद में कुछ बच्चों पर मुकदमा कायम कर लिया गया। रोजगार मांगने वालों को देशद्रोह मत बनाइए।सत्ता आनी जानी है।

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