मानस काव्य सारथी सम्मान से नवाजी गई डिम्पल तिवारी मानस काव्य सारथी सम्मान से नवाजी गई डिम्पल तिवारी
ओम शंकर पांडेय अयोध्या जनपद की प्रतिभाशाली गीतकार कवयित्री डिम्पल तिवारी को उनके सामाजिक एवं साहित्यिक योगदान के लिए,मानस कविता परिवार मंच ने मानस... मानस काव्य सारथी सम्मान से नवाजी गई डिम्पल तिवारी

ओम शंकर पांडेय

अयोध्या

जनपद की प्रतिभाशाली गीतकार कवयित्री डिम्पल तिवारी को उनके सामाजिक एवं साहित्यिक योगदान के लिए,मानस कविता परिवार मंच ने मानस काव्य सारथी सम्मान से नवाजा है।मंच की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार डिम्पल को यह सम्मान इनके उल्लेखनीय साहित्यिक उपलब्धियो,पटल पर नियमित लेखन और समीक्षा कार्य करने तथा निरंतर सम सामयिक मुद्दों पर लेखन कार्य जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियो के कारण संस्थान द्वारा इस सम्मान हेतु डिम्पल का चयन किया गया।संस्थान की अध्यक्ष गुंजन शुक्ला तथा संचालक सुधीर सिह एवं संरक्षक सपना सिंह के कुशल निर्देशन मे शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र से जुड़े रचनाकारो से उनकी मौलिक प्रतिभा को ध्यान मे रखकर साहित्य विकास के उद्देश्य से साहित्यिक गतिविधि संचालित करते है।इस मंच पर रचनाओं की रचनाए पटल पर रखी जाती है फिर उसका मूल्यांकन करने के बाद सम्मान के लिए चयनित किया जाता है।इस मंच पर पूरे भारत से हजारों की संख्या मे रचनाकार गण जुड़े है।इन रचनाकारो के मध्य डिम्पल का चयन किया गया।डिम्पल की रचनाएँ और लेख भी चयन समिति को प्रभावित की थी।संस्थान द्वारा समारोह मे दो श्रेणियों मे सम्मान समारोह आयोजित था।जिसमे संस्थान की चयन समिति ने शीर्ष मानस काव्य सारथी सम्मान डिम्पल को देने का निर्णय ली। रामलला की धरती अयोध्या से पहली बार गीतकार कवयित्री डिम्पल तिवारी को यह सम्मान मिला है।इसके पूर्व इस संस्थान द्वारा डिम्पल की रचनाओं और लेखो को समय-समय पर अपने पटल पर प्रशंसा कर चुका है।डिम्पल तिवारी मूल रूप से अयोध्या जनपद के सदर तहसील के अन्तर्गत 165,अवध यूनिवर्सिटी चौराहा,लेखेश्वर काम्पलैक्स की निवासी हैं।इनके पति राकेश तिवारी इनके रचनात्मक कार्यो मे भरपूर सहयोग करते है।विद्यार्थी जीवन से ही डिम्पल की रूचि शिक्षा और साहित्यिक के प्रति रही है।इन्होने बताया कि मनोयोग से रचना कार्य करते हुए बेहतर से बेहतर साहित्य क्षेत्र मे योगदान करना ही मुख्य उद्देश्य है।गृह कार्य के बाद जो समय मिलता है उस दौरान ए गीत, कविता,मुक्तक,कहानी,समीक्षा और शेर इत्यादि लिखती हैं।यह विविध विषयों पर रचनाएँ की है।विगत दिनो इन्हे उत्तर प्रदेश काब्यश्री सम्मान मिल चुका है।इनका चयन विश्व हिन्दी रचनाकार मंच द्वारा नीरज शब्द शिल्पी सम्मान के लिये भी किया जा चुका है।डिम्पल की रचनाएँ समय समय पर देश-विदेश की विविध पत्र-पत्रिकाओं में निरन्तर प्रकाशित होती रहती है।इस सम्मान के साथ ही इनका चयन काव्यरंगोली साहित्य भूषण सम्मान के लिए भी हो चुका है।इन्हे कविता लेखन की प्रेरणा पिता रामउग्र शुक्ल और माता विन्दु शुक्ला और चाचा रमेश चन्द्र पाठक से मिली है।बचपन से ही साहित्य के प्रति इनकी रूचि रही।समय के साथ साथ इनका साहित्य सफर जारी रहा और आज भारत की लगभग सभी लब्ध प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाएं डिम्पल की रचनाओं को सम्मान सहित स्थान देती है।इस सम्मान के मिलने पर कवयित्री डिम्पल तिवारी को राकेश तिवारी,प्रेस क्लब सेक्टरी श्री त्रिजुक नारायण त्रिपाठी,जिला पंचायत सदस्य शम्भू नाथ सिंह,सपा नेता राघवेंद्र प्रताप सिंह,भाजपा जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पांडेय, आशीषतिवारी,राहुलकान्त मिश्रा,निशेन्द्र मोहन मिश्रा,सीमा मोटवानी,प्रीति शुक्ला,शोभा खेतान,सुनीता यादव,पूर्णिमा ,आशीष शर्मा,सचिन शुक्ला,रमन दिवेदी,आशीष शर्मा,अंकित द्विवेदी,शिवानी शुक्ला,रूपम शुक्ला,रिया वर्मा,धीरज मिश्रा,धीरेंद्र त्रिपाठी,काजल तिवारी,सदभावना,आराध्या आदि ने बधाई दी।

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