खेल एवं शारीरिक क्रियाओं पर प्रभाव विषय पर सेमिनार खेल एवं शारीरिक क्रियाओं पर प्रभाव विषय पर सेमिनार
अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा, खेल एवं योगिक विज्ञान संस्थान द्वारा कोविड-19 का खेल एवं शारीरिक क्रियाओं पर प्रभाव विषय... खेल एवं शारीरिक क्रियाओं पर प्रभाव विषय पर सेमिनार

अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा, खेल एवं योगिक विज्ञान संस्थान द्वारा कोविड-19 का खेल एवं शारीरिक क्रियाओं पर प्रभाव विषय पर दो दिवसीय ऑनलाइन सेमिनार का समापन आज 08 जनवरी, 2021 को हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सी.एस.आर.आई. दिल्ली के महानिदेशक राजपाल सिंह ने कहा कि संक्रमण काल की विषम परिस्थितियों ने खेलकूद के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। आज जितनी आवश्यकता है उस अनुपात में हमारे पास कोच और ट्रेनर उपलब्ध नहीं है। हमें ओलंपिक और एशियाड में अधिक उपलब्धि हासिल करने के लिए खेल में संसाधन बढ़ाने के साथ-साथ शोध कार्यों को बढ़ावा देना होगा। इसके साथ फिट इण्डिया मूवमेंट को आम जन तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

     कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शारीरिक शिक्षा खेल एवं योगिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो0 एस.एस. मिश्र ने कहा कि हमें प्रतिदिन संयमित रहकर शारीरिक व्यायाम और योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। इसके लिए समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है। प्रो0 मिश्र ने सभी स्तरों पर पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा एवं खेल को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया। सेमिनार के द्वितीय दिन के प्रथम सत्र की शुरुआत डॉ. सत्यन्त कुमार खात्यान ने कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के कारणों एवं जन जीवन कैसे प्रभावित हुआ इस पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्याप्त व्यायाम की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि कोरोना की तीव्रता को कम करने के लिए पौष्टिक आहार एवं योग तथा आयुर्वेदिक पद्धति को अपनाना नितांत जरूरी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के डॉ. नीरज जैन ने कहा कि कोरोना संक्रमण के समय से जो विषम परिस्थितियां उत्पन्न हुई है इसके कारण शारीरिक क्रियाओं की उपयोगिता को बढ़ावा मिला है। इस महामारी ने हमको टीचिंग के नए नए साधन उपलब्ध कराएं हैं। इसी क्रम में बद्री विशाल पीजी कॉलेज फर्रुखाबाद के प्राचार्य डॉ. शरद चंद्र मिश्रा ने कहा कि खेल एक नैसर्गिक क्रिया है। इसके माध्यम से हम अपने स्वास्थ्य को सही करने के साथ-साथ बेहतर जीवन शैली को प्राप्त कर सकते हैं। सेमिनार के संयोजक संयोजक डाॅ0 अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए योग के साथ शारीरिक व्यायाम आवश्यक है।

     सेमिनार का संचालन डाॅ. अर्जुन सिंह द्वारा किया गया। तकनीकी सहयोग डा. संघर्ष सिंह ने प्रदान किया। सेमिनार के संयोजक डाॅ. कपिल कुमार राणा ने सभी अतिथियों वक्ताओं, शिक्षकों और प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. अनुराग पांडे, डॉ. त्रिलोकी यादव डॉ. मुकेश कुमार वर्मा, डाॅ. प्रतिभा त्रिपाठी, मोहनी पांडे, देवेंद्र कुमार वर्मा, स्वाति उपाध्याय, अनुराग सोनी, गायत्री वर्मा, आलोक तिवारी सहित अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। 

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